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कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में गोल्ड मेडल जीतने वाले पैरा पावर लिफ्टर सुधीर बचपन में हो चुके थे पोलियो का शिकार, जानें कैसे पार की सारी बाधायें

पैरा-पावरलिफ्टर सुधीर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पैरा-पावरलिफ्टिंग में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता।

sudhir (image source: twitter)

पैरा पावर लिफ्टर सुधीर ने भारत के लिए बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में छठा स्वर्ण पदक जीता है। वह बचपन में पोलियो के शिकार हो चुके हैं। उन्होंने पैरा पावरलिफ्टिंग (दिव्यांग एथलीट्स की वेटलिफ्टिंग) में 212 किलोग्राम वजन उठाने के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। साथ ही सुधीर ने गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। सुधीर लगातार सात बार नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके हैं। देशवासियों को उनसे कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी गोल्ड मेडल जीतने की ही उम्मीद थी। सुधीर ने भारतीयों को निराश नहीं किया और स्वर्ण जीतकर उम्मीदों पर खरे उतरे। सुधीर दो बार के स्ट्रांगमैन ऑफ इंडिया का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं।

सुधीर का बचपन 

हरियाणा के सोनीपत के गांव लाठ में किसान परिवार में जन्मे सुधीर बचपन से ही प्रतिभावान रहे हैं। पांच वर्ष की आयु में पैर में परेशानी के चलते वह दिव्यांग हो गए, सुधीर पोलियो का शिकार हुए थे। इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। साल 2013 में शरीर को फिट रखने के लिए उन्होंने पावर लिफ्टिंग शुरू की थी। इसमें लगातार अभ्यास करते रहने की वजह से उन्होंने इस खेल को जीवन का हिस्सा बना लिया।

इस खिलाड़ी से हुए थे प्रेरित 

पैरा खिलाड़ी वीरेंद्र धनखड़ से प्रेरित होकर सुधीर ने पैरा पावर लिफ्टिंग शुरू की थी। महज दो साल की मेहनत से ही वह नेशनल तक पहुंचे और राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। यहीं से सुधीर के मन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की उम्मीद जगी। सुधीर लगातार सात साल से नेशनल्स में पावर लिफ्टिंग में स्वर्ण जीतते आ रहे हैं।

साल 2021 और 2022 में सुधीर ने स्ट्रांग मैन ऑफ इंडिया का खिताब जीता। इसके बाद उन्होंने बर्मिंघम में कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए तैयारी की और लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरे। फाइनल में उनके आसपास भी कोई नहीं था। नाइजीरिया के 74.10 किलो वजन वाले इकेचुकु क्रिस्टियन ओबिचुकु ने 192 किलो वजन उठाया और 133.6 अंकों के साथ रजत पदक जीता, जबकि स्कॉटलैंड के मिकी यूल ने 130.9 अंकों के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

भारतीय दल ने अब तक चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में छह गोल्ड मेडल सहित 20 पदक जीते

भारत के पदक विजेता

6 स्वर्णः मीराबाई चानू, जेरेमी लालरिनुंगा, अंचिता शेउली, महिला लॉन बॉल टीम, टेबल टेनिस पुरुष टीम, सुधीर (पैरा-पावरलिफ्टिंग)

7 रजतः संकेत सरगरी, बिंदियारानी देवी, सुशीला देवी, विकास ठाकुर, भारतीय बैडमिंटन टीम, तूलिका मान, मुरली श्रीशंकर

7 कांस्यः गुरुराजा पुजारी, विजय कुमार यादव, हरजिंदर कौर, लवप्रीत सिंह, सौरव घोषाल, गुरदीप सिंह, तेजस्विन शंकर।

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