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लगातार दूसरी बार जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचने में नाकाम रहा भारत, जर्मनी से मिली हार

छह बार की चैंपियन जर्मनी ने पिछले बार की विजेता भारत को 4-2 से पराजित कर जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल में स्थान बनाया।

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Justin Joseph
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Indian players react after losing the semifinal match against Germany during FIH Odisha Hockey Men's Junior World cup 2021, at Kalinga Stadium.(PTI)

Indian players react after losing the semifinal match against Germany during FIH Odisha Hockey Men's Junior World cup 2021, at Kalinga Stadium.(PTI)

गत चैंपियन भारत का लगातार दूसरी बार जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल में जाने का सपना अधूरा रह गया। टीम इंडिया को छह बार की चैंपियन जर्मनी ने 4-2 से सेमीफाइनल में करारी शिकस्त दी। अब भारतीय टीम को रविवार को तीसरे स्थान के मैच में फ्रांस से भिड़ना होगा। सेमीफाइनल में जर्मनी के लिए जहां एरिक क्लेनलेन, आरोन फ्लैटन, हैंनेस मुलर और क्रिस्टफर कुत्तेर ने गोल किए तो वहीं भारत की तरफ से उत्तम सिंह और बॉबी धामी ने गोल किया।

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वहीं, इस साल के टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला जर्मनी और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीनी टीम ने फ्रांस को पेनाल्टी शूटआउट में 3-1 से पराजित किया। गौरतलब है कि जर्मनी ने पिछले बार 2013 में नई दिल्ली में आयोजित हुए जूनियर वर्ल्ड कप में ख़िताब जीता था। उसके बाद वे 2016 के संस्करण में तीसरे स्थान पर रहे थे।

पहले हाफ में ही जर्मन अटैक के सामने पिछड़ा भारत

इस बड़े मैच की शुरुआत कुछ खास नहीं रही, जिसमें जर्मनी के पास गेंद तो काफी थी लेकिन उन्होंने कोई बड़े मौके नहीं बनाए। पहला क्वार्टर खत्म होने की जब कगार पर था तो जर्मनी को पेनाल्टी कॉर्नर मिला। इस पर गोल तो नहीं हुआ लेकिन रिबाउंड पर मिली गेंद को एरिक क्लेनलेन ने विपक्षी गोल पोस्ट में मार दिया।

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दूसरे क्वार्टर में तो जैसे गोल की झड़ी लग गई, जिसमें जर्मनी की टीम ने मैच पर शिकंजा कस लिया। 21वें मिनट में आरोन फ्लैटन ने भारतीय गोलकीपर पवन को छकाते हुए अपनी टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया। तीन मिनट बाद ही जर्मनी के कप्तान हैंनेस मुलर ने कलाबाजी करते हुए नेट में गेंद दे मारी। हालांकि, टीम इंडिया ने वापसी करने की कोशिश की, जिसमें उत्तम सिंह ने जर्मन नेट के अंदर तेज शॉट मारा। बहरहाल, 25वें मिनट में जर्मन ने एक और गोल करके अपनी मुट्ठी में कर लिया।

दूसरे हाफ में भारतीय आक्रमण शांत रहा

पहले हाफ में ही चार गोल खाने के बाद भारतीय टीम के हौसले पस्त हो चुके थे। दूसरा हाफ भी जर्मन मजबूती को दर्शाया, जहां इस यूरोपीय महाशक्ति ने टीम इंडिया को बिल्कुल कोई मौका नहीं दिया। तीसरे क्वार्टर में कोई गोल नहीं होने के बाद चौथे क्वार्टर ने अपनी रक्षापंक्ति को मजबूत बनाए रखा। लेकिन इसके बावजूद भारतीय टीम ने एक सांत्वना गोल कर ही दिया जो धामी के स्टिक से आया।

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